Table of Contents
- 1. कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
- 2. देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन योजना
- 3. स्वामी विवेकानंद एकेडमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप
- 4. निः शुल्क पाठ्य - पुस्तक वितरण योजना
- 5. मुख्यमंत्री निः शुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना
- 6. मुख्यमंत्री पन्नाधाय बाल गोपाल योजना
- 7. मिड डे मिल : (MDM)
- 8. मुख्यमंत्री संबल योजना
- 9. प्री - मेट्रिक छात्रवृत्ति
- 10. निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009
राजस्थान की
महत्त्वपूर्ण योजनाएं:
राजस्थान शिक्षा विभाग की प्रमुख योजनाएँ
कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
- पुराना नाम - मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
- प्रारम्भ: 2015-16
- पात्रताः- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग, EWS व अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राएं।
- शर्ते:-
- राजस्थान की मूल निवासी हो तथा पारिवारिक आय रु. 2.50 लाख से कम हो।
- RBSE की 12वीं में न्यूनतम 65% एवं CBSE की 12वीं में न्यूनतम 75% प्राप्तांक अनिवार्य है।
- अनुसूचित जनजाति वर्ग की RBSE से कक्षा 10वीं में 65% तथा CBSE की कक्षा 10 में 75% अंकों के के साथ उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं को भी वरीयता के आधार पर स्कूटी वितरण की जाती है। 1(10वीं के परिणाम के आधार पर किसी छात्रा को स्कूटी प्राप्त। हुई है तो उस छात्रा को 12वीं के परिणाम के आधार पर पात्र होने पर 40,000 रुपये एकमुश्त राशि देय है।)
देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन योजना
- प्रारम्भ - 2011-12
- उद्देश्य - 12वीं कक्षा, स्नातक/ स्नातकोत्तर डिग्री में अधिक से अधिक अंक लाने के लिए प्रोत्साहित करना।
- पात्रता राजस्थान की मूल निवासी हो तथा पारिवारिक आय 2.50 लाख रू. प्रतिवर्ष से कम हो और अति पिछड़े वर्ग की बालिकाएँ हो-
(i) बंजारा, बालदिया (ii) लबाना (iii) गाडिया - लोहार, गाडोलिया (iv) गुर्जर (v) राईका, रैबारी (देवासी)
- स्कूटी वितरण - RBSE, CBSE में 12वीं कक्षा में 50% या अधिक अंक लाने पर स्नातक डिग्री प्रथम वर्ष में प्रवेश लेकर नियमित अध्ययनरत हो।
वित्तीय सहायता -
(i) स्नातक स्तर पास करने पर 10,000 रू. प्रति वर्ष
(ii) स्नातकोत्तर स्तर पास करने पर 20,000 रुपये प्रति वर्ष
नोट:-
बजट 2023-24 कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना एवं देवनारायण स्कूटी योजना में 20000 से 30000 स्कूटी प्रति योजना के वितरण की घोषणा की गई।
स्वामी विवेकानंद एकेडमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप
- पुराना नाम :- राजीव गांधी एकेडमिक एक्सीलेंस स्कॉलरशिप योजना (प्रारम्भ: 20 अगस्त, 2021)
- उद्देश्य :- राजस्थान के मेधावी छात्रों को दुनिया के शीर्ष देशी-विदेशी विश्वविद्यालयो में अध्ययन हेतू वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- पात्रता - स्नातक, स्नातकोत्तर, PID और पोस्ट डॉक्टरल छात्र
- प्रावधान : योजना के अन्तर्गत सीटो की संख्या - 500 (विदेशी संस्थानों में पढ़ाई हेतू सीट:- 300 देश के टॉप 50 शैक्षणिक संस्थानो में पढाई हेतू सीटें :- 200)
| शर्त (पारिवारिक आय) | ट्यूशन फीस/ रहने का खर्चा | कोर्स प्रारम्भ हेतु राशि |
| आय 8 लाख से कम हो | अधिकतम 50 लाख / 12 लाख रूपये | 3 लाख रूपये |
| आय 8 लाख से 25 लाख हो | अधिकतम 50 लाख / 6 लाख रूपये | कुछ नहीं |
| आय 25 लाख से अधिक | अधिकतम 50 लाख / खर्च नहीं | कुछ नहीं |
Note -
- पूर्व में चयनित 500 विद्यार्थी में से 150 छात्र विदेशी संस्थाओं हेतु चयनित किये जाते थे।
- राजीव गांधी छात्रवृत्ति एक्सीलेंस योजना का प्रांरभ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा 20 अगस्त 2021 को किया गया था।
- 30% सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित की गई है।
निः शुल्क पाठ्य - पुस्तक वितरण योजना
- प्रारंभ 1994-95
- वितरण - राज्य पाठ्य पुस्तक मण्डल, जयपुर
- लाभार्थी-
- (i) कक्षा 1-8 तक समस्त विद्यार्थी
- (ii) कक्षा 9 से 12 तक में पढ़ने वाली सभी छात्राओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रों तथा वे छात्र जिनके माता-पिता आयकर दाता नहीं है।
मुख्यमंत्री निः शुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना
- घोषणा बजट 2021-22 (प्रारंभ 29 नवम्बर 2022)
- इसके तहत कक्षा 1-8 तक के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत समस्त विद्यार्थियो को निः शुल्क यूनिफॉर्म फेब्रिक के 2 सेट दिऐ जाते है। इसके तहत सिलाई हेतू प्रति विद्यार्थी 200 रू का प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण बैंक खाते में किया जाता है।
मुख्यमंत्री पन्नाधाय बाल गोपाल योजना
- प्रारम्भ 29 नवम्बर, 2022
- कक्षा 1-8 तक के सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियो को दूध उपलब्ध करवाया जाता है।
- पुराना नाम अन्नपूर्णा दूध योजना
- दूध पाउडर की आपूर्ति - राजस्थान सहकारी डेयरी संघ (RCDF)
- इसके तहत प्रारम्भ में सप्ताह में 2 दिन (मंगलवार तथा शुक्रवार) को दूध उपलब्ध करवाया जाता था जिसे बढ़ाकर प्रतिदिन (6 दिन) कर दिया गया है।
इस योजना में, कक्षा 1-5 के विद्यार्थियों को 15 ग्राम दूध पाउडर से 150 मिलीलीटर दूध और 8.4 ग्राम चीनी, जबकि कक्षा 6-8 के विद्यार्थियों को 20 ग्राम पाउडर से 200 मिलीलीटर दूध और 10.2 ग्राम चीनी मिलती है। - छात्र-छात्राओं को दूध उपलब्ध कराने का उत्तरदायित्व
- विद्यालय प्रबंधन समिति का होगा।
- बर्तन क्रय हेतु अधिकतम 15000 रुपये
- गिलास क्रय हेतु प्रति विद्यार्थी 40 रुपये
- प्रतिमाह 1500 रुपये सिलेण्डर हेतु
- बर्तनों की साफ-सफाई हेतु 500 रुपये प्रतिमाह
- चीनी हेतु अधिकतम 45 रुपये प्रति किलो
मिड डे मिल : (MDM)
- प्रारंभ 15 अगस्त, 1995
- क्रियान्वयन : मानव संसाधन विकास मंत्रालय विश्व की सबसे बड़ी विद्यालयी भोजन योजना
- लाभार्थी कक्षा 01 से 08वीं तक के छात्र-छात्राएँ
| प्राथमिक स्तर पर 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन, और उच्च प्राथमिक स्तर पर 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन मिलता है। |
- नोट : प्रधानमंत्री पोषण योजना
- प्रारम्भ: 29 सितम्बर, 2021
- यह योजना मिड-डे-मील का स्थान लेगी।
मुख्यमंत्री संबल योजना
- निजी प्रशिक्षण संस्थाओं में 2 वर्षीय डिप्लोमा एजुकेशन का अध्ययन करने वाली विधवा तथा परित्यक्ता महिला
- को 9000 रू. की प्रतिपूर्ति प्रदान की जा रही है।
प्री - मेट्रिक छात्रवृत्ति
- 6-10 कक्षा के छात्रों को पूर्व परीक्षाओं में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर दी जाएगी।
- पात्रता - SC, ST, OBC, SBC और DTNT सीमान्त क्षेत्र (OBC) के छात्रों को प्रदान की जाती है।
निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009
- RTE का पूरा नाम-दि राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एण्ड कम्पलसरी एजुकेशन एक्ट 2009
- लागू 1 अप्रैल 2010- शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है।
86 वां संविधान संशोधन अधिनियम 2002
- अनुच्छेद 21 (A) -6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा का अधिकार।
- अनुच्छेद 45 - सभी बच्चों को 6 वर्ष की आयु पूरी करने तक प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा प्रदान करना।
- अनुच्छेद 51 (A) 11 वां मौलिक कर्तव्य माता-पिता या संरक्षक द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों हेतु प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध करवाने का अधिकार ।
RTE एक्ट के प्रावधान
- यह अधिनियम 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा हासिल करने का अधिकार प्रदान करता है।
- कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए। किमी पैदल दूरी की सीमा (200 दिवस पढ़ाई एवं 800 घंटे प्रति शैक्षणिक वर्ष) और कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए 2 किमी. पैदल दूरी की सीमा (220 दिवस पढ़ाई और 1000 घंटे प्रति शैक्षणिक वर्ष) में एक विद्यालय स्थापित किया जाएगा।
- यदि किसी क्षेत्र में विद्यालय नहीं है तो वहाँ पर तीन वर्षों में विद्यालय का निर्माण करवाया जाना आवश्यक है।
- इस अधिनियम के प्रावधानानुसार केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) को शैक्षिक पाठ्यक्रम मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है, जिसका मुख्य कार्य प्रारंभिक शिक्षा एवं इसके लिए आवश्यक पाठ्यक्रम का राष्ट्रीय स्तर पर विकास करना है।
- अधिनियम में निजी विद्यालयों में 25% स्थान गरीब बच्चों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5
- लाख रूपये तक हो। (ऐसे बच्चों की फीस सरकार द्वारा वहन की जाएगी)
- किसी भी छात्र को जन्म प्रमाण पत्र या आयु का सबूत नहीं होने के कारण प्रवेश से वंचित नहीं रखा जाएगा।
- विद्यालय में छात्र : शिक्षक 40: 1 होगा। (अर्थात् 40 छात्रों पर एक अध्यापक)
- शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जाएगा।
- राज्य में 15 सदस्य बाली राज्य सलाहकार परिषद् का गठन किया जाएगा।
- वित्त पोषण केन्द्र: राज्य 60:40 (2017-18)
"शिक्षा से बदलेगा राजस्थान, हर क्षेत्र में चमकेगा राजस्थान।"
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