Table of Contents
- 1. राजस्थान सरकार नवीनतम नीतियाँ 10: CURRENT AFFAIRS 2024-25
- 1.1. राजस्थान पर्यटन इकाई नीति - 2024:
- 1.2. राजस्थान एक जिला एक उत्पाद नीति - 2024:
- 1.3. पंच-गौरव कार्यक्रम:
- 1.4. राजस्थान AVGC-XR नीति - 2024:
- 1.5. एकीकृत क्लस्टर विकास योजना - 2024:
- 1.6. राजस्थान खनिज नीति - 2024:
- 1.7. राजस्थान MSME नीति - 2024:
- 1.8. राजस्थान एम सेण्ड नीति - 2024
- 1.9. राजस्थान निर्यात संवर्द्धन नीति:
- 1.10. राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति - 2024:
- 1.11. राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना- 2024:
- 1.12. नागरिक विमानन नीति - 2024
- 1.13. हील इन राजस्थान पॉलिसी - 2024:
- 1.14. राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी 2024:
- 1.15. राजस्थान ग्रीन हाइड्रोजन नीति - 2023:
- 1.16. राजस्थान वन नीति - 2023:
राजस्थान सरकार नवीनतम नीतियाँ 10: CURRENT AFFAIRS 2024-25
1. राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2024
2. राजस्थान एक जिला एक उत्पाद नीति - 2024
3. राजस्थान AVGC-XR नीति - 2024
4. एकीकृत क्लस्टर विकास योजना - 2024
5. राजस्थान खनिज नीति - 2024
6. राजस्थान MSME नीति - 2024
7. राजस्थान एम सेण्ड नीति - 2024
8. राजस्थान निर्यात संवर्द्धन नीति - 2024
9. राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति - 2024
10. राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना - 2024
राजस्थान पर्यटन इकाई नीति - 2024:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- इको टूरिज्म यूनिट, फिल्म सिटी, हेरिटेज रेस्टोरेंट, होटल हाउसिंग इनडोर /आउटडोर प्ले जोन, एकीकृत पर्यटन विलेज, मोटल/वे साइड सुविधाएं, रिसोर्ट हाउसिंग, ग्रामीण पर्यटन इकाई और पर्यटन स्टार्टअप्स जैसी इकाईयों का समावेश।
- चिन्हित स्थानों पर न्यूनतम 100 करोड़ रुपये का तीन वर्षों में नया निवेश करने वाली पर्यटन इकाई परियोजनाओं को राजकीय भूमि आवंटित किये जाने प्रावधान
- पर्यटन इकाई से जुड़ी या उसके अंदर आने वाली राजकीय भूमि को उनकी मालिकाना भूमि के 10% तक कृषि या आवासीय डीएलसी दरों पर एक बार आवंटन की सुविधा ।
- नई पर्यटन इकाइयों को स्टाम्प डयूटी, कन्वर्जन चार्ज, डवलपमेंट चार्ज एवं भू उपयोग परिवर्तन शुल्क में 100% छूट।
- पर्यटन इकाइयों को दुगुना बिल्ट-अप एरिया रेश्यों (2 के स्थान पर 4 बीएआर)
- टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को औद्योगिक दर्जा मिलने से यूडी टैक्स, बिजली दरें और भवन प्लान शुल्क वाणिज्यिक दरों के स्थान पर औद्योगिक दरों पर लागू।
| पर्यटन से संबंधित अन्य नीतियां |
| राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति - 2022 | 18.04.2022 |
| राजस्थान पर्यटन को पूर्ण उद्योग का दर्जा- 2022 | 18.05.2024 |
| राजस्थान इको टूरिज्म पॉलिसी - 2021 | 15.07.2021 |
| राजस्थान पर्यटन नीति-2020 | 09.09.2020 |
राजस्थान एक जिला एक उत्पाद नीति - 2024:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- जिलों के विशिष्ट उत्पादों और शिल्यों को मिलेगा बढ़ावा
- जिलों की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही कारीगरों, शिल्पकारों, कृषकों और निर्माताओं की आय भी बढ़ेगी।
- नवीन सूक्ष्म उद्यमों को 25% या अधिकतम 15 लाख रुपए एवं लघु उद्यमों को 15% या अधिकतम 20 लाख रुपए तक मार्जिन मनी अनुदान सहायता।
- सूक्ष्म व लघु उद्यमों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी व सॉफ्टवेयर पर 50% या 5 लाख रुपए तक अनुदान ।
- क्वालिटी सर्टिफिकेशन व आईपीआर पर 75% या 3 लाख रुपए तक पुनर्भरण ।
- विपणन आयोजनों में भाग लेने के लिए 2 लाख रुपए तक सहायता ।
- ई-कामर्स प्लेटफार्म फीस पर 75% या 1 लाख रुपए प्रतिवर्ष का 2 साल तक पुर्नभरण ।
- कैटलौगिंग व ई-कॉमर्स वेबसाइट विकास के लिए 60% या 75 हजार रुपए तक एकमुश्त सहायता।
| एक जिला एक उत्पाद नीति से संबंधित राज्य सरकार के अन्य प्रमुख प्रयास |
पंच-गौरव कार्यक्रम:
- राज्य सरकार के कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर प्रदेश के सभी जिलों में पंच-मुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए पंच-गौरव कार्यक्रम का शुभारंभ किया है।
- उद्देश्य- कार्यक्रम के अनुरूप प्रत्येक जिले को अलग- अलग भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार एक उपज एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल, एक खेल पर विशेष फोकस करते हुए प्रत्येक जिले की पहचान के लिए कार्यक्रम किया जाएगा।
राज्य स्तर पर नोडल विभाग:-
| विभाग | कार्यक्रम |
| एक जिला - एक उपज | कृषि विभाग |
| एक जिला - एक प्रजाति | वन विभाग |
| एक जिला - एक उत्पाद | उद्योग विभाग |
| एक जिला - एक पर्यटन स्थल | पर्यटनविभाग |
| एक जिला - एक खेल | खेल विभाग |
राजस्थान AVGC-XR नीति - 2024:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- AVGC-XR:- Animation, Visual Effects, Gaming, Comics - Extended Reality.
- एनिमेशन, विजुअल इफेक्टस, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्स्टेंडेड रिएलिटी के क्षेत्र में स्थानीय प्रतिभाओं, राज्य की संस्कृति एवं स्थानीय संसाधनों को मिलेगा बढ़ावा ।
- राज्य में बनने वाली एनिमेशन फिल्मों, गेम्स एवं कॉमिक्स को उत्पादन अनुदान दिया जाएगा।
- स्थानीय संस्कृति और सामग्री निर्माण पर ध्यान केन्द्रित करने वाले स्टार्टअप्स व उद्यमों को अतिरिक्त प्रोत्साहन ।
- इस क्षेत्र में नवाचार को बढावा देने के लिए अटल इनोवेशन स्टूडियो और एक्सेलेरेटर स्थापित किए जाएंगे।
- ये स्टूडियो कोडिंग, वीएफएक्स लैब एवं एडवांस्ड कम्प्यूटरिंग सुवधिाओं से लैस होंगे।
एकीकृत क्लस्टर विकास योजना - 2024:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- राज्य में हस्तशिल्प, हथकरघा तथा एमएमएमई क्षेत्र में कार्यशील उद्यमों की उत्पादकता, गुणवत्ता एवं कार्यक्षमता बढ़ा कर उन्हें वैश्विक बाजार के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
- हस्तशिल्प एवं हथकरघा क्षेत्र के क्लस्टर्स हेतु सॉफ्ट इन्टरवेन्शन (ट्रेनिंग, मार्केटिंग आदि) गतिविधियों हेतु 50 लाख रुपए तक सहायता ।
- आर्टिजन एवं हथकरघा क्षेत्र के क्लस्टर्स में कच्चा माल डिपो हेतु ऋण पर 8% ब्याज अनुदान ।
- शिल्पकारों एवं बुनकरों को ई-कामर्स हेतु 50,000 रुपए तक विक्रय सहायता ।
- सूक्ष्म लघु उद्यमों द्वारा क्लस्टर्स में 10 करोड़ रुपए तक की लागत वाले सीएफसी की स्थापना हेतु अधिकतम 90% अनुदान ।
- गैर-रीको/औद्योगिक क्षेत्रों में विद्यमान क्लस्टर्स में आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु 10 करोड़ तक की परियोजना लागत में अधिकतम 80% अनुदान ।
- गैर-रीको औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम एकड़ भूमि पर नवीन क्लस्टर्स के विकास हेतु अधिकतम 60% (अधिकतम 5 करोड़ रुपए) की सहायता ।
राजस्थान खनिज नीति - 2024:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- नई खनिज नीति के माध्यम से प्रदेश की GDP में खनिज क्षेत्र की वर्तमान 3.4% की भागीदारी को वर्ष 2029-30 में 5% और 2046 - 47 तक 8% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
- राजस्थान देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में से एक है।
- यहां 81 प्रकार के खनिजों के भंडार है जिसमें से 58 का खनन हो रहा है।
- वर्ष 2029-30 तक तीन गुना तथा वर्ष 2047 तक एक लाख करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य ।
- वर्ष 2029-30 तक 50 लाख तथा वर्ष 2047 तक एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य ।
- राजस्थान के खनिज संसाधनों की खोज में निजी भागीदारिता ।
- निवेशकर्ताओं के सहयोग के लिए Post Auction Facilitation cell.
- Pre embedded clearances के साथ ब्लॉक्स की नीलामी ।
- राजस्व अपवंचना को रोकने के लिए Geo- Fencing RFID चेक पोस्ट, GPS Vehicle ट्रेकिंग एवं ड्रोन सर्वे
- Ease of Doing Business हेतु परमिट एवं अनुमतियों की प्रक्रिया में सुधार
- आवा-कजावा पद्धति से ईटों के निर्माण में प्रयुक्त मिट्टी पर देय रॉयल्टी में छूट।
| प्रमुख खनिज नीतियां - |
| पहली खनिज नीति - 1978 दूसरी खनिज नीति - 1991 तीसरी खनिज नीति - 1994 चौथी खनिज नीति - 2011 पांचवी खनिज नीति - 4 जून, 2015 |
राजस्थान MSME नीति - 2024:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- प्रावधान-
- ऋण पर अतिरिक्त 2% ब्याज अनुदान ।
- एमएसएमई एक्सचेंज से धन जुटाने पर 15 लाख तक की सहायता ।
- उन्नत प्रौद्योगिकी (एडवांस्ड टेक्नोलॉजी)
- एवं सॉफ्टवेयर पर 50% अथवा 5 लाख रुपए तक का अनुदान ।
- गुणवत्ता प्रमाणन (क्वालिटी सर्टिफिकेशन) एवं आईपीआर पर 3 लाख रुपए तक की पुनर्भरण सहायता ।
- विपणन हेतु आयोजनों में जाने पर 1.5 लाख तक का अनुदान ।
- डिजिटल उपकरणों पर 50,000 रुपए तक का पुनर्भरण ।
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुल्क पर 75% अथवा 50,000 रुपए तक का पुनर्भरण।
| राजस्थान की पहली MSME नीति 17 सितम्बर, 2022 को जारी की गई। MSME दिवस - 17 सितम्बर |
राजस्थान एम सेण्ड नीति - 2024
लागू - 09 दिसम्बर, 2024
प्रावधान:-
- प्रदेश में एम-सेण्ड इकाइयों की स्थापना और बजरी के सस्ते विकल्प के रूप में एम-सेण्ड के उपयोग को मिलेगा बढावा ।
- एम सेण्ड यूनिट्स को उद्योग का दर्जा।
- राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, 2024 के अन्तर्गत परिलाभ ।
- एम सेण्ड यूनिट की स्थापना में टर्नओवर एवं अनुभव कीबाध्यता समाप्त ।
- प्रदेश में एम-सेण्ड इकाइयों की स्थापना और बहरी के सस्ते विकल्प के रूप में एम-सेण्ड के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा
- एम-सेण्ड के निर्माण में प्रयुक्त ओवरबर्डन पर देय डी.एम.एफ.टी. की राशि में शत %छूट।
- सरकार भूमि पर पड़े ओवरबर्डन पर देय रॉयल्टी में 50% की छूट।
- सरकार भूमि पर पड़े ओवरबर्डन की नीलामी में आरक्षित दर में 50% की कमीं।
- एम-सेण्ड के उत्पादन में प्रतिवर्ष 20% की वृद्धि।
- सरकारी व सरकार से वित्त पोषित निर्माण कार्यों में 25% एम-सेण्ड की उपयोगिता अनिवार्य ।
| राजस्थान की पहली एम-सेण्ड नीति-2020 जिसे 25 जनवरी 2021 को लागू किया गया। |
राजस्थान निर्यात संवर्द्धन नीति:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- राजस्थान निर्यात संवर्द्धन नीति-2024 को मिली स्वीकृति, जिसके अन्तर्गत चलाए जाने वाले मुख्यमंत्री निर्यात वृद्धि अभियान के प्रावधान -
- नवीन उद्यमियों को निर्यात क्षेत्र में प्रवेश हेतु प्रोत्साहन।
- दस्तावेजीकरण सहायता कुल लागत का 50% अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक ।
- अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहभागिता अनुदान व्यय का 75% अथवा अधिकतम 3 लाख रुपये तक (दो वर्ष में एक बार)
- प्राणीकरण सहायता - कुल व्यय का 75% (प्रति शिपमेंट 20,000 रुपये एवं प्रतिवर्ष अधिकतम 3 लाख रुपये तक) ।
- तकनीकी उन्नयन सहायता कुल व्यय का 75% अथवा अधिकतम 50 लाख रुपये तक।
- ई- वाणिज्य मंच शुल्क प्रतिपूर्ति व्यय का 75% अथवा अधिकतम 2 लाख रुपये तक ।
- प्रथम माल परिवहन अनुदान मालभाड़ा लागत का 25% अथवा अधिकतम 25 लाख रुपये तक ।
- निर्यात से संबंधित अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य-
राजस्थान में निर्यात होने वाली शीर्ष 5 वस्तुएं -
1. अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग वस्तुएं)
2. जवाहरात एवं आभूषण
3. धातु
4. कपड़ा
5. हस्तशिल्प ।
- राजस्थान वर्ष 2023-24 में कुल निर्यात 83704.24 करोड़ ।
- मिशन निर्यातक बनो अभियान 29 जुलाई, 2021
राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति - 2024:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- अक्षय ऊर्जा क्षमता को 125 गीगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य
- अक्षय ऊर्जा, बायोमास एवं वेस्ट एनर्जी, ग्रीन हाईड्रोजन के प्रावधानों एवं ऊर्जा भण्डारण के नवीन प्रावधानों का समावेश ।
- वर्ष 2030 तक अक्षय उर्जा क्षमता को 125 गीगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य, फ्लोटिंग सौर परियोजनाओं को बढावा दिया जाएगा।
- सोलर रूफ टॉप प्लांट के साथ छोटी विड लगाने का प्रावधान ।
- मल्टी स्टोरी बिल्डिंग हेतु वर्चुअल नेट मीटरिंग की सुविधा एवं उपभोक्ताओं को ग्रुप नेट मीटरिंग की सुविधा के प्रावधान।
- सभी अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं, पार्कों को राजकीय भूमि आवंटन, वर्चुअल पीपीए आधारित परियोजनाओं, कार्बन ट्रेडिंग ऊर्जा दक्षता तथा नेट जीरो बिल्डिंग को बढ़ावा देने के प्रावधान।
- लक्ष्य- 2029-30 तक 1.25 लाख मेगावाट उत्पादन रखा गया है।
- राजस्थान एकीकृत स्वच्छ उर्जा नीति के प्रावधान
| क्षेत्र | वर्तमान |
| सौर ऊर्जा | 90,000 MW |
| पवन ऊर्जा व हाइब्रिड ऊर्जा | 20,000 MW |
| हाइड्रो पम्प स्टोरेज | 15,000 MW |
| कुल उत्पादन | 1.25 लाख MW |
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना- 2024:
- लागू - 09 दिसम्बर, 2024
- रिप्स में स्टैंडर्ड सर्विसेज के तहत इंसेंटिव के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा 50 करोड़ रुपए से घटाकर 25 करोड़ रुपए पर्यटन इकाइयों के लिए इसे और भी कम करके 10 करोड़ रुपए किया गया है।
- इकाइयों की लागत कम करने के लिए भूमि और बिजली से संबंधित इंसेंटिव शुरू किए हैं।
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने वाले निवेशकों के लिए भूमि लागत से भुगतान का लचीला मॉडल रिप्स में शामिल किया गया है, जिसमें भूमि लागत का 25% अग्रिम भुगतान करने के बाद शेष 75% राशि 10 किश्तों में 8% ब्याज के साथ दी जा सकेगी।
- एमएसएमई सेक्टर के लिए स्टैण्डर्ड मैन्युफैक्चरिंग पैकेज की तुलना में अधिक अवधि (7 वर्ष) के लिए ब्याज का लाभ दिया जाएगा।
- खादी, ग्रामीण पर्यटन और कृषि-प्रसंस्करण एमएसएमई के लिए अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा।
- 3 हजार करोड़ से अधिक निवेश पर 5 गुना इंसेंटिव-महिलाओं की ओर से संचालित
- स्टार्टअप्स को 2 साल के लिए शत% एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी। तीन हजार करोड़ से अधिक के निवेश पर 5 गुना इंसेंटिव दिए जाएंगे।
प्रमुख उद्देश्य-
- विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की 15% वार्षिक वृद्धि दर ।
- संतुलित और समावेशी क्षेत्रीय विकास ।
- वर्ष 2027 तक 10 लाख रोजगार सृजन ।
- हरित हाईड्रोजन, वैकल्पिक ऊर्जा और नवीन क्षेत्रों को प्रोत्साहन ।
- पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को प्रोत्साहित ।
नोट : राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना - 2022 लागू 07 अक्टूबर, 2022
| अन्य महत्वपूर्ण नीतियां |
नागरिक विमानन नीति - 2024
- मंजूरी - 2 जुलाई, 2024
- यह नीति विमानन रखरखाव सेवाओं को बढ़ावा और एयरोस्पेस गतिविधियों को विकसित करने पर केन्द्रित है
- इसके तहत किशनगढ़ (अजमेर), हमीरगढ़ (भीलवाड़ा) और झालावाड़ में तीन फ्लाइंग स्कूल खोले जाएंगे और कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाएगा।
- प्रदेश में विभिन्न हवाई अड्डों पर कार्गो सेवा प्रारम्भ की जाएगी।
- प्रदेश की पुरानी हवाई पट्टियों की मरम्मत कर पुनः उडान योग्य बनाया जाएगा।
हील इन राजस्थान पॉलिसी - 2024:
- मंजूरी - अगस्त 2024
- उद्देश्य- अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना और चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देना 1
- संबंध - चिकित्सा विभाग द्वारा प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने के लिए पॉलिसी लायी जाएगी।
- घोषणा- चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर
- कुल बजट का 8.26% खर्च स्वास्थ्य के लिए होता है।
राजस्थान टेक्सटाइल एण्ड अपैरल पॉलिसी 2024:
- मंजूरी - अक्टूबर 2024
प्रमुख उद्देश्य-
- इस पॉलिसी का उद्देश्य साल 2029 तक टेक्सटाइल सेक्टर में 15 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाना और 2 लाख नए रोजगार पैदा करना है।
- इस पॉलिसी के तहत, निजी टेक्सटाइल पार्क या अपैरल पार्क को पहली बार अनुदान दिय जाएगा।
- अगर कोई उद्योग 200 सीटों का ट्रेनिंग सेंटर खोलता है, तो उसे अगले 5 साल में 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा।
- इस पॉलिसी में पहली बार पूंजीगत खर्चों में जमीन की कीमत जोड़ने का प्रावधान किया गया है।
- जमीन का भू-रूपांतरण कराने पर जो शुल्क लगेगा, उसे इस पॉलिसी के जरिए अनुदान के रूप में वापस किया जाएगा।
- अगर कोई उद्यमी अपने इस्तेमाल के लिए सोलर पावन प्लांट लगाता है तो उसे 50 फीसदी कैपिटल सब्सिडी मिलेगी।
- गारमेंट्स उद्योग में कुछ शर्तें पूरी करने पर प्रति श्रमिक-प्रतिमाह तीन हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।
राजस्थान ग्रीन हाइड्रोजन नीति - 2023:
- लागू- 29 सितम्बर, 2023
- विभाग - ऊर्जा विभाग
- ग्रीन हाईड्रोजन ऊर्जा प्रदूषण मुक्त होती है।
- प्रमुख प्रावधान -
- प्रसारण तंत्र स्थापित करने वाले 500 KTPA अक्षय ऊर्जा प्लांट को 10 वर्ष तक प्रसारण एवं वितरण शुल्क में 50% छूट।
- राज्य सरकार ने नीति के तहत वर्ष 2030 तक 2000 KTPA ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
- थर्ड पार्टी से अक्षय ऊर्जा खरीदनें पर अतिरिक्त एवं क्रोस सब्सिडी सरचार्ज में 10% तक छूट ।
- परिशोधित खारे पानी से ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए भूमि आवंटन में प्राथमिकता एवं अनुसंधान केन्द्र की स्थापना के लिए 30% (अधिकतम 5 करोड़ रुपए) सब्सिडी मिलेगी।
- केप्टिव पावर प्लांट की क्षमता एवं उत्पादित बिजली की बैंकिंग पर प्रतिबंध नही होगा।
- विद्युत संयंत्रों के लिए व्हीलिंग एवं ट्रांसमिशन शुल्क की 100% भरपाई होगी।
- बिजली संयत्रों के लिए बैंकिंग शुल्क भी 7 से 10 वर्ष तक छूट दी जाएगी।
राजस्थान वन नीति - 2023:
- लागू- 5 जून, 2023
- उद्देश्य- राज्य की विविधता और संरक्षित क्षेत्रों के सतत् प्रबंधन को बढ़ावा देना और वनों के बाहर वनस्पति आवरण बढ़ाने पर विशेष ध्यान देकर आगामी 20 वर्षों में वनस्पति आवरण को राज्य के भौगोलिक क्षेत्र के 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य ।
- (राजस्थान में वर्तमान में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 9.60% वन क्षेत्र है)
- 80 हजार हैक्टेयर में पौधारोपण करना।
- पंचायत स्तर पर 5 करोड़ पौधों का वितरण करना।
- बॉयो गैस इस्तेमाल, वेस्ट ट्रीटमेंट करने का लक्ष्य निर्धारित ।
Note:- राजस्थान की पहली वन नीति 08 फरवरी, 2010 को जारी की गई।
| अन्य प्रमुख नीतियाँ | लागू |
| राजस्थान अंधता नियंत्रण नीति | 13 जनवरी 2023 |
| राजस्थान बायोमास नीति 2023 | 6 अक्टूबर, 2023 |
| राजस्थान स्टार्टअप पॉलिसी 2022 | नवंबर, 2022 |
| राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 | 1 सितम्बर, 2022 (यह नीति 5 वर्ष के लिए लागू की गई है) |
| राजस्थान हस्तशिल्प नीति 2022 | 17 सितम्बर, 2022 |
| राजस्थान बेघर उत्थान एवं पुर्नवास नीति 2022 | 01 सितम्बर, 2022 |
| राजस्थान राज्य महिला नीति 2021 | 11 अप्रैल, 2021 (राजस्थान की प्रथम महिला नीति वर्ष 2000 में लागू की गई थी) |
| राजस्थान इथेनॉल प्रोडेक्शन प्रामोशन पॉलिसी 2021 | 15 दिसम्बर, 2021 |
| राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, व्यवसाय, निर्यात एवं प्रोत्साहन नीति, 2019 | 17 दिसंबर 2019 |
| राजस्थान सिलिकोसिस नीति - 2019 | 03 अक्टूबर, 2019 |
| राजस्थान जल नीति - 2010 | 08 फरवरी 2010 |
Comments (0)